Ranchi : दो वर्ष पूर्व माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा झारखंड राज्य के बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना था। परंतु आज तक इस योजना के तहत किसी भी प्रकार का आवंटन नहीं किया गया है। इससे बेरोजगार युवाओं में निराशा का माहौल व्याप्त है। केवल घोषणा कर देने से रोजगार सृजन संभव नहीं है जब तक कि उसे अमल में न लाया जाए।
इस योजना के तहत पूरे झारखंड प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को चालीस प्रतिशत अनुदान पर आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया था। इसका मकसद था कि युवा अपने कारोबार शुरू कर सकें और सम्मानजनक जीवन व्यतीत करें। लेकिन अब तक इस योजना पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बार-बार जिला स्तर से आवंटन की मांग की गई, किंतु सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे बेरोजगारी की समस्या और गंभीर होती जा रही है।
माननीय मुख्यमंत्री जी, आपकी इस घोषणा से युवाओं के मन में रोजगार की उम्मीद जगी थी। उन्होंने सोचा था कि सरकार की इस योजना से उन्हें रोजगार का अवसर मिलेगा। परंतु योजना के क्रियान्वयन में देरी के कारण उनका भरोसा टूटता जा रहा है। यह स्थिति न केवल युवाओं के मनोबल को प्रभावित कर रही है, बल्कि राज्य के विकास पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है।
झारखंड के कई जिलों से यह शिकायत मिल रही है कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लिए एक रुपया तक का भी आवंटन नहीं मिला है। बेरोजगार युवा आज भी अपने रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सरकार की चुप्पी से यह आभास होता है कि घोषणा केवल कागज़ों तक ही सीमित रह गई है। ऐसे में युवाओं के सामने जीवनयापन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
अतः आपसे सविनय निवेदन है कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना को शीघ्र लागू किया जाए और जिलों को आवश्यक बजटीय आवंटन उपलब्ध कराया जाए। इससे झारखंड के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन पाएंगे। यह कदम न केवल युवाओं के हित में होगा, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति में भी सहायक सिद्ध होगा। इसके लिए हम आपके प्रति सदैव आभारी रहेंगे।



