Dhanbad : धनबाद में लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार समिति बरवाअड्डा में इस समय खरीदारों और कारोबारियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। राज्य के विभिन्न जिलों से व्यापारी यहां पहुंचे हैं और मंडी में फलों तथा खाद्यान्न की आवक बढ़ गई है। इस बार छठ में विदेशी फलों की मांग के चलते बाजार में विशेष रौनक दिख रही है।
मंडी के कारोबारियों के अनुसार इस वर्ष छठ पर्व के दौरान करीब 200 ट्रक फल और खाद्यान्न की बिक्री होने की संभावना है। बुधवार को ही मंडी से करीब 40 गाड़ियां अलग-अलग जिलों के लिए रवाना की गईं। गुरुवार से लेकर शनिवार तक यह संख्या और बढ़ेगी। कारोबारियों का कहना है कि इस बार कारोबार पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक रहेगा।
केला कारोबारी धीरज कुमार के अनुसार छठ में सबसे अधिक मांग केला की रहती है और इस बार लगभग 100 ट्रक केला की खपत होने की उम्मीद है। बंगाल से आ रहे चीनीया केला की कीमत 150 से 350 रुपए प्रति घवद है। वहीं सेब के थोक व्यापारी मुनमुन केशरी और गोपाल बर्णवाल ने बताया कि चार दिनों में करीब 200 गाड़ियां फल और खाद्यान्न से भरकर मंडी पहुंचेंगी।
नारियल कारोबारी अमित कुमार और नवीन केशरी ने बताया कि आंध्र प्रदेश से नारियल की बड़ी खेप मंडी में आ चुकी है। फिलहाल थोक में नारियल 12 से 20 रुपए प्रति पीस के हिसाब से बिक रहा है। मंडी में इस बार 15 ट्रक नारियल, 15 ट्रक संतरा, पांच ट्रक डाभ और 20 ट्रक सेब आने की उम्मीद जताई गई है।
पारंपरिक फलों के साथ-साथ इस बार विदेशी फलों की भी खास मांग है। कारोबारी आयुष कुमार ने बताया कि आलूबुखारा, लाल अंगूर और अन्य इंपोर्टेड फलों की खेप मंडी में पहुंच रही है। वहीं खाद्यान्न समिति के अध्यक्ष विनोद कंधवे ने बताया कि करीब 70 गाड़ियां खाद्यान्न से भरी आएंगी, जिनमें चावल, गेहूं, गुड़, रिफाइंड और ड्राईफ्रूट्स शामिल हैं।
बाजार समिति के सचिव विपुल कुमार सिंह ने बताया कि छठ पर्व को लेकर मंडी पूरी तरह तैयार है। वे खुद तैयारियों का जायजा ले रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि श्रद्धालुओं को किसी वस्तु की कमी न हो। वहीं सोलापुर से अनार, नागपुर से संतरा और बंगाल से अमरूद की खेप लगातार पहुंच रही है। धनबाद की यह मंडी झारखंड के कई जिलों जैसे रांची, बोकारो और टाटा तक माल भेज रही है।



