Chaibasa : चाईबासा में खनन कंपनियों के भारी वाहनों से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया है। बादुड़ी गांव में गुरुवार को हुई बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया। उन्होंने घोषणा की कि 27 अक्टूबर को झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के आवास का घेराव कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में तय किया गया कि यह विरोध पैदल यात्रा के रूप में शुरू होगा और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने निश्चय किया कि हर घर से कम से कम एक व्यक्ति आंदोलन में भाग लेगा। इसके अलावा भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए सामूहिक सहयोग की अपील की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि रुंगटा कंपनी के भारी वाहनों के अनियंत्रित संचालन से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़कों पर धूल और गड्ढों की समस्या से स्थिति और भी भयावह हो गई है। उनका कहना है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंख मूंदे बैठा है और अब लोगों की जान खतरे में है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा की लड़ाई है। ग्रामीणों ने कंपनियों पर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया।
पिछले एक माह में पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में कम से कम सात लोगों की मौत और 11 के घायल होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। हाल ही में हाटगामरिया थाना क्षेत्र में ट्रक और वैन की टक्कर में तीन लोगों की मौत और दस घायल हुए थे। लगातार बढ़ती घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि भारी वाहनों के संचालन पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, सड़कों पर चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो। साथ ही, दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल राहत और बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और कंपनियों की संवेदनहीनता अब बर्दाश्त से बाहर है।



