Ranchi : रांची के जेएससीए स्टेडियम में हुई भगदड़ की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने जेएससीए प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने स्टेडियम प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था में विफल बताते हुए जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि पिछले कुछ समय से जेएससीए क्रिकेट गतिविधियों से अधिक विवादों और कथित अनियमितताओं के कारण चर्चा में रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के कामकाज और वित्तीय मामलों को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
भाजपा ने आयोजन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी के अनुसार, जब बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना पहले से थी, तब अतिरिक्त पुलिस बल, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं पर्याप्त स्तर पर क्यों नहीं की गईं। साथ ही भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित टीम की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए गए।
अजय साह ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और समुचित तैयारी के भीड़ को नियंत्रित करने का जिम्मा सीमित संसाधनों और बाउंसरों पर छोड़ दिया गया। उनका कहना था कि हालात बिगड़ने के बाद स्थिति संभालने के बजाय लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे अफरा-तफरी बढ़ गई।
भाजपा ने यह भी कहा कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। पार्टी का आरोप है कि घटना के समय आम दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय वीआईपी व्यवस्थाओं पर अधिक ध्यान दिया गया, जिससे लोगों की सुरक्षा प्रभावित हुई।
पार्टी ने मांग की है कि जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव सहित आयोजन के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के साथ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, भगदड़ में घायल लोगों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा और उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार तथा जेएससीए द्वारा उठाने की मांग भी की गई है।
भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीटिंग जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस घटना के लिए जवाबदेही तय होना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत बनाया जा सके।



