Ranchi: कांग्रेस ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। ‘छात्रों की गूंज’ नाम से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत 30 जून से 28 शहरों में पर्चा वितरण, छात्र संपर्क और जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा। अभियान का पहला चरण 9 अगस्त को दिल्ली मार्च के साथ समाप्त होगा।
रांची दौरे पर पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का भरोसा टूटा है, लेकिन सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई।
कांग्रेस ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच और परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक समयबद्ध वार्षिक कैलेंडर लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके।
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि केवल पेपर लीक की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा होनी चाहिए। उनके अनुसार एनटीए, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया, प्रिंटिंग, परिवहन, परीक्षा केंद्रों, डिजिटल सिस्टम और वेंडर कॉन्ट्रैक्ट्स की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस के अभियान के तहत जुलाई महीने में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में छात्र संवाद, कैंपस संपर्क और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 1 अगस्त को देश के 28 शहरों में जिला प्रशासन के कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है।
पार्टी ने घोषणा की है कि 9 अगस्त को देशभर से बड़ी संख्या में युवा दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि अब तक कई पेपर लीक की घटनाएं सामने आने के बावजूद सरकार ने जवाबदेही तय नहीं की है और छात्रों की चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करना समय की जरूरत है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा, प्रवक्ता राकेश सिन्हा, सतीश मुंजनी सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।



