Jamtara : जामताड़ा जिले में पिछले 103 दिनों से चली आ रही मनरेगा रोजगार सेवकों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। लंबे आंदोलन के बाद सभी कर्मियों ने सोमवार से फिर से काम पर वापसी कर ली, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं के दोबारा रफ्तार पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई है।
रोजगार सेवकों ने मनरेगा कर्मी संघ के नेतृत्व में नारायणपुर प्रखंड कार्यालय पहुंचकर औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला। उन्होंने प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अपनी वापसी की जानकारी दी और लंबित योजनाओं को फिर से शुरू करने का आश्वासन दिया।
हड़ताल के कारण पिछले तीन महीनों से प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रही थीं। मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति काफी धीमी हो गई थी।
विकास योजनाओं के रुकने से न केवल मजदूरों को परेशानी हुई, बल्कि कई लाभुक योजनाओं के लाभ से भी वंचित रह गए। गांवों में चल रहे निर्माण कार्य और अन्य परियोजनाओं की प्रगति भी बाधित रही, जिसका असर सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा।
इस दौरान प्रशासन लगातार रोजगार सेवकों से बातचीत और अपील करता रहा कि वे काम पर लौटें, ताकि योजनाओं को दोबारा पटरी पर लाया जा सके। कई बार पत्राचार और संवाद के बाद अंततः हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
रोजगार सेवकों की वापसी से अब मनरेगा की लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा करने की उम्मीद है। प्रखंड स्तर पर अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि अब प्रशासनिक कामकाज और विकास परियोजनाएं सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेंगी।
राधेश्याम पंडित के नेतृत्व में सभी रोजगार सेवकों ने सामूहिक रूप से अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। ग्रामीण विकास विभाग को उम्मीद है कि अब योजनाओं में आई रुकावट खत्म होगी और कामकाज सामान्य गति से आगे बढ़ेगा।



