Khunti News : झारखंड के खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 44 वर्षीय मोटरसाइकिल गैरेज संचालक राधेश्याम साहू उर्फ राधे मिस्त्री की कथित तौर पर अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह तांबा जंगल से उनका शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी अभियान चला रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब तीन बजे 4 से 5 अज्ञात लोग बोलेरो वाहन से राधेश्याम साहू के किराए के मकान पर पहुंचे। आरोप है कि वे उन्हें जबरन अपने साथ ले गए और उनकी स्कूटी भी साथ ले गए। घटना के समय परिवार के सदस्य मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
राधेश्याम के अगवा होने के तुरंत बाद उनकी पत्नी ने रनिया थाना पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी और पति को सुरक्षित बरामद करने की गुहार लगाई। हालांकि अगले दिन सुबह तांबा-केनबाकी मार्ग स्थित तांबा जंगल से उनका शव मिलने की सूचना मिली, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश फैल गया।
सोमवार सुबह साप्ताहिक हाट जाने वाले कुछ राहगीरों ने सड़क किनारे एक स्कूटी के नीचे दबा हुआ शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती निरीक्षण में आशंका जताई गई कि अपराधियों ने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के ऊपर स्कूटी रख दी।
घटना की सूचना मिलते ही तोरपा एसडीपीओ विजय कुमार और रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुंभकार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
मृतक राधेश्याम साहू मूल रूप से खूंटी जिले के तपकरा थाना क्षेत्र के डिगरी गांव के निवासी थे। वे पिछले कई वर्षों से रनिया में किराए के मकान में रहकर प्रखंड कार्यालय के समीप मोटरसाइकिल गैरेज चलाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार वे क्षेत्र में मेहनती और मिलनसार व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे, इसलिए उनकी हत्या से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जहां से राधेश्याम का कथित अपहरण किया गया, वह स्थान रनिया थाना और प्रखंड मुख्यालय से महज लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी उन्हें ले जाने में सफल रहे और अगले दिन उनका शव जंगल से बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।



