Chhathra : झारखंड के चतरा जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को कथित तौर पर शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 15 दिनों की लगातार तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी युवक अवधेश कुमार को रांची स्थित रिम्स अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
मामले की शुरुआत 27 मई को हुई, जब नाबालिग के पिता ने मयूरहंड थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी को शादी करने की नीयत से बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और मामले को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के माध्यम से आरोपी की तलाश जारी रखी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान 25 वर्षीय अवधेश कुमार के रूप में हुई है, जो हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र स्थित रसोईया धमना गांव का निवासी है। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी।
करीब दो सप्ताह की खोजबीन के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी रांची के रिम्स अस्पताल में मौजूद है। सूचना मिलते ही एक विशेष पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और स्पेशलिस्ट बिल्डिंग की दूसरी मंजिल स्थित पुरुष वार्ड में छापेमारी की। वहां आरोपी अपनी इलाजरत मां के पास मौजूद मिला, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने नाबालिग लड़की को भी सुरक्षित बरामद कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि बरामदगी के बाद लड़की को नियमानुसार आवश्यक कानूनी और संरक्षण संबंधी प्रक्रियाओं के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, ताकि उसके हितों और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस कार्रवाई का नेतृत्व मयूरहंड थाना प्रभारी राहुल दुबे ने किया। उनके साथ सब-इंस्पेक्टर कुशो महतो, महिला सहायक बल की जवान चांदनी कुमारी तथा सशस्त्र बल के अन्य जवान भी शामिल थे। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए बिना किसी अप्रिय घटना के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी रहेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा और ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है।



