Ranchi : झारखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी रांची में जलजमाव और जलनिकासी की चुनौतियों को देखते हुए रांची नगर निगम (RMC) ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने का दावा किया है। हर वर्ष बारिश के दौरान शहर के कई निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भरने, नालों के उफान और घरों में पानी घुसने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में इस बार निगम प्रशासन का कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए हैं ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
मेयर रोशनी खलखो ने बताया कि मानसून के मद्देनजर नगर निगम पूरी तरह सतर्क है और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के बड़े नालों और जलनिकासी तंत्र की सफाई के लिए नई मशीनों की व्यवस्था की गई है, जिससे बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित न हो और जलभराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
नगर निगम ने विभिन्न वार्डों में विशेष सफाई अभियान भी तेज कर दिया है। संवेदनशील और जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। मेयर ने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं नाला जाम हो, जलजमाव हो या अन्य कोई समस्या उत्पन्न हो तो वे तुरंत नगर निगम के टोल-फ्री नंबर पर सूचना दें, ताकि संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सके।
मेयर रोशनी खलखो के अनुसार मानसून के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नियमित कचरा उठाव, नालियों की सफाई और जलनिकासी मार्गों को अवरुद्ध होने से बचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि छोटी सी लापरवाही भी भारी बारिश के समय बड़ी समस्या का रूप ले सकती है, इसलिए लगातार निगरानी और समीक्षा की जा रही है।
वहीं डिप्टी मेयर नीरज कुमार ने कहा कि इस बार नगर निगम में बेहतर टीमवर्क और समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त के बीच तालमेल स्थापित कर विभिन्न विभागों को मानसून से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उनका कहना है कि लक्ष्य केवल समस्या आने के बाद समाधान करना नहीं, बल्कि पहले से तैयारी कर संभावित संकट को रोकना भी है।
डिप्टी मेयर ने बताया कि हरमू नदी, स्वर्णरेखा नदी और अन्य जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित न हो। साथ ही सावन माह को देखते हुए धार्मिक स्थलों, विशेषकर शिवधाम क्षेत्र में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रांची के कई निचले इलाकों में अनियोजित शहरी विस्तार और अव्यवस्थित निर्माण के कारण जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इसके बावजूद नगर निगम का दावा है कि इस बार आधुनिक संसाधनों, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और व्यापक तैयारी के जरिए बारिश के दौरान नागरिकों को अधिकतम राहत देने का प्रयास किया जाएगा। अब मानसून की तीव्रता बढ़ने के साथ इन तैयारियों की वास्तविक परीक्षा होगी और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शहर को जलभराव जैसी पुरानी समस्याओं से कितनी राहत मिल पाती है।



