Bokaro : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना के नाम पर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। बोकारो जिले के पिंड्राजोरा क्षेत्र में कई महिलाओं को फर्जी फोन कॉल कर योजना के सत्यापन में गड़बड़ी का झांसा देकर ठगी की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी तरह की निजी जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।
साइबर अपराधी 7024887455 नंबर से कॉल कर खुद को सरकारी अधिकारी बता रहे हैं। वे लाभुक महिलाओं से कहते हैं कि उनके आवेदन या सत्यापन में समस्या आ गई है और यदि तुरंत प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो योजना की अगली किस्त रोक दी जाएगी। इसके बाद आधार कार्ड की जानकारी और ऑनलाइन पैसे भेजने का दबाव बनाया जाता है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद चास के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रदीप कुमार ने इसे पूरी तरह फर्जी और सुनियोजित साइबर ठगी का प्रयास बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंईयां सम्मान योजना से जुड़े किसी भी सत्यापन, सुधार या अन्य प्रशासनिक कार्य के लिए सरकार या प्रखंड कार्यालय की ओर से लाभार्थियों को फोन नहीं किया जाता।
बीडीओ ने कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत किसी भी लाभार्थी से आधार कार्ड का विवरण, बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या किसी प्रकार की राशि की मांग नहीं की जाती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर ऐसी जानकारी मांगता है, तो उसे तुरंत संदिग्ध मानें और उसकी बातों में बिल्कुल न आएं।
प्रशासन ने सभी लाभुक महिलाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही किसी भी प्रकार के लालच, धमकी या सत्यापन के नाम पर पैसे जमा करने से बचें। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
यदि किसी के पास इस तरह का संदिग्ध फोन कॉल आता है या ठगी का प्रयास किया जाता है, तो इसकी जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस, संबंधित प्रखंड कार्यालय या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। समय पर शिकायत करने से साइबर अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सकती है और अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है।
प्रशासन ने दोहराया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी तरह निःशुल्क दिया जाता है। ऐसे में लाभार्थियों को किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा नहीं करना चाहिए। खासकर मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी किसी भी सूचना की पुष्टि केवल सरकारी कार्यालय या आधिकारिक माध्यमों से ही करें।



