Harmanpreet Kaur’s Statement : भारतीय महिला क्रिकेट टीम का टी-20 विश्व कप अभियान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। लॉर्ड्स में खेले गए करो या मरो मुकाबले में भारत को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार 56 रन की पारी खेली और अंतिम ओवर में तीन छक्के लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि, गेंदबाज इस स्कोर का बचाव नहीं कर सके और ऑस्ट्रेलिया ने 19 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
मैच के बाद हरमनप्रीत ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में टीम बड़ी और मजबूत टीमों के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकी। उनके मुताबिक, ऐसे मुकाबलों में खिलाड़ियों को मानसिक और तकनीकी रूप से अधिक मजबूत होना चाहिए, लेकिन भारतीय टीम इस कसौटी पर खरी नहीं उतर सकी।
कप्तान ने माना कि टूर्नामेंट के दौरान अहम मौकों पर हुई गलतियों ने टीम को भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने विशेष रूप से कैच छोड़ने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी छोटी-छोटी चूक बड़े मुकाबलों का नतीजा बदल देती हैं। उनके अनुसार, टीम अंत तक लड़ती रही, लेकिन तय मानकों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई।
हरमनप्रीत ने यह भी स्वीकार किया कि भारतीय टीम लंबे समय से एक जैसी गलतियां दोहरा रही है। उन्होंने कहा कि डेथ ओवरों में जरूरत से ज्यादा रन देना और दबाव वाले मैचों में बल्लेबाजी का लड़खड़ाना टीम की सबसे बड़ी कमजोरियों में शामिल है, जिन पर तत्काल काम करने की जरूरत है।
कप्तान ने खिलाड़ियों को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पूरी टीम अपनी रणनीति और सोच में बदलाव लाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में बड़े टूर्नामेंट जीतने हैं, तो केवल प्रतिभा के भरोसे नहीं बल्कि बेहतर योजना, अनुशासन और मानसिक मजबूती के साथ मैदान पर उतरना होगा।
भारतीय टीम के विश्व कप से बाहर होने के बाद अब फोकस आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर रहेगा। हरमनप्रीत कौर का मानना है कि इस हार से सीख लेकर टीम को अपनी कमियों को दूर करना होगा, ताकि भविष्य में बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब जीतने का सपना पूरा किया जा सके।



