Bokaro: बोकारो में राज्य सरकार के नशा मुक्ति झारखंड अभियान का समापन एक जागरूकता रैली के साथ किया गया। इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 10 जून को रांची से की थी, जिसके बाद इसे पूरे राज्य में विभिन्न स्तरों पर संचालित किया गया।
बोकारो जिले में जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से थाना क्षेत्रों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
समापन अवसर पर गरगा पुल से धर्मशाला मोड़ तक एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली छात्रों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। रैली के दौरान नशा विरोधी नारों और स्लोगनों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
इस अभियान में छात्रों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। विद्यार्थियों ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए अत्यंत हानिकारक है और यह देश के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने “नशे को ना, जिंदगी को हां” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
अभियान के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने में मदद करते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
बोकारो के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से कहा कि यह अभियान केवल एक समापन नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
अधिकारियों ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे तो राज्य और देश का भविष्य मजबूत और सुरक्षित होगा।



