Pakur : पाकुड़ में बुधवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने संथाल परगना क्षेत्र के तीन जिलों—पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज—के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मैपिंग कार्य की प्रगति का आकलन किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने चल रहे मैपिंग कार्य से जुड़ी चुनौतियों और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष रूप से पीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) वर्ग के मतदाताओं को पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड अभी तक मैप नहीं हुआ है, उनका सत्यापन और मैपिंग बीएलओ के माध्यम से कराया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिलता है, तो वह अपने माता-पिता के नाम के आधार पर सूची से मिलान करा सकता है। ऐसी स्थिति में अलग से किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे पात्र मतदाताओं को सुविधा मिल सके।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि 30 जून से मतदाताओं को दो प्रकार के प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। मतदाता इन फॉर्मों को भरकर संबंधित बीएलओ के पास जमा करेंगे और बदले में उन्हें प्राप्ति रसीद के रूप में एक प्रति वापस दी जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है। जो भारतीय नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं और अभी तक मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं, वे निर्धारित अवधि में आवश्यक घोषणा-पत्र और दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं।
बैठक में पाकुड़ की जिला निर्वाचन पदाधिकारी मेघा भारद्वाज, गोड्डा के जिला निर्वाचन पदाधिकारी लोकेश मिश्रा, साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दुबे सहित विभिन्न निर्वाचन अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मतदाता सूची को अधिक व्यापक और त्रुटिरहित बनाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का भरोसा दिया।


