Dhanbad : धनबाद में पहली बार आयोजित आमोत्सव इस बार खास चर्चा का केंद्र बना, जहां जापान का बेहद दुर्लभ और महंगा मियाजाकी आम लोगों के आकर्षण का मुख्य कारण रहा। डीएमसी मॉल में लगे इस आयोजन में भले ही सीमित स्टॉल लगाए गए थे, लेकिन मियाजाकी आम ने पूरे मेले की सुर्खियां बटोर लीं।
स्टॉल पर साफ-साफ लिखा था—“इसे छूना मना है”, और यही बोर्ड लोगों की उत्सुकता बढ़ा रहा था। जैसे ही लोग आम को देखने और उसे उठाने की कोशिश करते, उन्हें इसकी कीमत बताई जाती—करीब ₹3 लाख प्रति किलो। यानी एक आम की कीमत लगभग ₹1200 से ₹1500 तक पहुंच रही थी।
कीमत सुनकर लोग हैरान रह जाते, लेकिन इसे खरीदने की हिम्मत किसी ने नहीं दिखाई। इसके बावजूद इस दुर्लभ आम को देखने और उसकी तस्वीर लेने के लिए लोगों की भीड़ लगातार जुटी रही।
यह मियाजाकी आम जापान की प्रीमियम किस्मों में गिना जाता है, जिसकी खेती बहुत सीमित मात्रा में होती है। धनबाद में पहली बार इसे प्रदर्शित किया गया, जिससे यह आमोत्सव का सबसे चर्चित आकर्षण बन गया।
इस आयोजन का संचालन जेएसएलपीएस और ग्रामीण विकास विभाग की ओर से किया गया, जिसका उद्घाटन उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार और उपविकास आयुक्त सन्नी राज ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य स्थानीय किसानों को बाजार उपलब्ध कराना और बागवानी को बढ़ावा देना है।
मेला में अन्य स्टॉलों पर जिले के किसानों ने अपने आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की। कई किसानों ने बताया कि इस बार उत्पादन बेहतर रहा है और स्थानीय स्तर पर अच्छी मांग भी देखने को मिल रही है।
टुंडी क्षेत्र से आई किसान अनीता मरांडी ने बताया कि आम्रपाली किस्म की खेती इस बार अच्छी हुई है और उनके स्टॉल पर सबसे अधिक भीड़ भी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खेती का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
धनबाद में आयोजित यह आमोत्सव न सिर्फ किसानों के लिए अवसर लेकर आया, बल्कि मियाजाकी जैसे दुर्लभ आम के कारण यह आम चर्चा का विषय भी बन गया।



