Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। ऐसे में 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले लाखों युवाओं के मन में यह सवाल है कि वे पहली बार वोटर बनने के लिए क्या करें। चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में करीब 10 लाख ऐसे युवा हैं जो इस पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में हर वर्ष औसतन 8 लाख युवा 18 से 19 वर्ष की आयु वर्ग में प्रवेश करते हैं। 1 अक्टूबर 2024 को प्रकाशित मतदाता सूची में 18-19 आयु वर्ग के कुल 10.74 लाख मतदाता दर्ज थे। चूंकि 2024 के बाद अब तक मतदाता सूची का पुनरीक्षण नहीं हुआ है, इसलिए इस बार 18 से 20 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने की संभावना जताई जा रही है।
पहली बार वोटर बनने के इच्छुक युवाओं को चुनाव आयोग का फॉर्म-6, निर्धारित घोषणा पत्र और आयोग द्वारा मान्य 11 दस्तावेजों में से किसी एक को अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) के माध्यम से जमा करना होगा। आवेदन के साथ जन्म तिथि और नागरिकता से जुड़े दस्तावेज भी देना अनिवार्य होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार दस्तावेजों की आवश्यकता जन्म तिथि के आधार पर तय होगी। यदि किसी व्यक्ति का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है तो उसे केवल अपना दस्तावेज देना होगा। वहीं 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वालों को अपने साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज भी जमा करना होगा।
यदि किसी युवा का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है तो उसे अपने दस्तावेज के साथ माता और पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। वहीं विदेश में जन्मे भारतीय नागरिकों के बच्चों को संबंधित भारतीय दूतावास द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं, तो नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक होगा।
चुनाव आयोग ने SIR कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण तिथियां भी जारी की हैं। बीएलओ 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि 3 अक्टूबर तक सत्यापन की प्रक्रिया चलेगी। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
गौरतलब है कि पहली बार आवेदन करने वाले युवाओं का नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। हालांकि सभी दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ा जाएगा। ऐसे में नए मतदाताओं को समय पर आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा करने की सलाह दी गई है।


