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हेमंत कैबिनेट की बैठक में 23 अहम प्रस्तावों को मंजूरी, जंगली जानवरों के हमलों में मुआवजा बढ़ाकर 10 लाख रुपये

Ranchi : रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में सबसे अहम फैसला वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने का रहा। सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में पीड़ित परिवारों को अधिक राहत देने के उद्देश्य से मुआवजा बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सड़क निर्माण, सिंचाई, आईटी, खनन, सेवा नियमितीकरण और महिला हेल्पलाइन जैसी कई योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने बताया कि अब जंगली जानवरों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर परिजनों को पहले मिलने वाले 4 लाख रुपये की जगह 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। गंभीर रूप से घायल होने पर सहायता राशि 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि मामूली चोट लगने पर 25 हजार की जगह 35 हजार रुपये मिलेंगे। स्थायी रूप से दिव्यांग होने की स्थिति में भी मुआवजा बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है।

बैठक में आधारभूत संरचना और विकास परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई। नामकुम से डोरंडा सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 162.82 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं पलामू की अमानत बराज परियोजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूरी मिली। इसके अलावा JharNet 2.0 परियोजना की अवधि बढ़ाते हुए 31 जुलाई 2026 तक इसके संचालन और 65.50 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई।

सरकारी कर्मचारियों और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई फैसले भी लिए गए। विभिन्न विभागों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतनमान और संविदा भुगतान को मंजूरी दी गई, जबकि सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधाएं, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद और अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं को भी स्वीकृति मिली। गोड्डा और बोकारो समाहरणालय में अनियमित रूप से कार्यरत कर्मचारियों की सेवा नियमित करने का भी निर्णय लिया गया।

खनन और पर्यावरण के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए। बोकारो के पर्वतपुर, सीतानाला और गोड्डा के जीतपुर कोल ब्लॉक सहित विभिन्न खनन पट्टों को मंजूरी दी गई। साथ ही क्षतिपूरक वनरोपण के लिए सरकारी भूमि के हस्तांतरण और वन विभाग में कार्यों के निष्पादन हेतु हाइब्रिड मॉडल अपनाने को भी हरी झंडी दी गई। बांध सुरक्षा अधिनियम के तहत विशेषज्ञों के स्वतंत्र पैनल के गठन को भी मंजूरी प्रदान की गई।

महिला एवं बाल विकास से जुड़े प्रस्तावों में मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित महिला हेल्पलाइन 181 की सेवा अवधि बढ़ाने को स्वीकृति दी गई, ताकि इसकी निर्बाध कार्यशीलता बनी रहे। इसके अलावा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की विभिन्न रिपोर्टों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया और झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में मोटरयान निरीक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।

कुल मिलाकर, इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, वन्यजीव प्रभावित परिवारों को राहत, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति और खनन क्षेत्र के नियमन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। विशेष रूप से जंगली जानवरों के हमलों में मुआवजा राशि बढ़ाने का निर्णय प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

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