Deoghar : देवघर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक पुलिस आरक्षी द्वारा पिस्टल निकालने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। घटना के बाद जिला पुलिस प्रशासन हरकत में आया है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन नियमित रूप से अभियान चलाता है। इस दौरान सड़क पर कब्जा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाता है।
इसी अभियान के दौरान सामने आए वायरल वीडियो में एक पुलिस आरक्षी भीड़ के बीच अपनी पिस्टल निकालता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के प्रसारित होने के बाद स्थानीय दुकानदारों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिसकर्मी के व्यवहार पर सवाल उठाए और घटना पर नाराजगी जताई।
हालांकि मौके पर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि आरक्षी ने किसी को डराने या धमकाने के उद्देश्य से हथियार नहीं निकाला था। उनके अनुसार, वह अपनी पिस्टल को सुरक्षित रखने या संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वीडियो के वायरल होने से घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने कहा कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस नियमों के अनुसार हथियारों का उपयोग केवल निर्धारित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। ऐसे में इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरक्षी द्वारा पिस्टल निकालने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और वायरल वीडियो में दिख रही परिस्थितियां किस संदर्भ में उत्पन्न हुई थीं।


