Latehar : झारखंड के लातेहार जिले में डीवीसी संचालित तुबेद कोल माइंस से होने वाली कोयला ढुलाई को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। नवादा गांव के लोगों ने गुरुवार सुबह से सड़क पर उतरकर कोयला लदे हाइवा वाहनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया, जिससे इलाके में यातायात और कोयला परिवहन दोनों प्रभावित हो गए।
ग्रामीणों ने सुबह करीब सात बजे से सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते तुबेद कोल माइंस से निकलने वाले 200 से अधिक हाइवा वाहन सड़क पर ही फंस गए और दोनों ओर लंबी कतार लग गई। सड़क जाम होने से आम लोगों की आवाजाही भी बाधित हुई और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि डीवीसी प्रबंधन के साथ पहले हुई कई दौर की बैठकों में यह सहमति बनी थी कि नवादा रोड से कोयला ढुलाई नहीं की जाएगी। इसके बावजूद कंपनी द्वारा उसी मार्ग का इस्तेमाल कर लगातार कोयला परिवहन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क की स्थिति खराब हो रही है। इसके अलावा कोयला लदे ट्रकों से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि धूल प्रदूषण और सड़क क्षति की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
आंदोलन के कारण तुबेद कोल माइंस से कोयले का परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे कंपनी के संचालन पर भी असर पड़ रहा है। सड़क पर खड़े वाहनों की लंबी कतार और जाम की स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मामले को शांत कराने के लिए प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। हेरहंज थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया तथा कंपनी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि परिवहन कार्य फिर से शुरू हो सके।
हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक पूर्व समझौते का पालन नहीं किया जाता तथा वैकल्पिक मार्ग से कोयला ढुलाई की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं।



