Khunti: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को “वनवासी” कहे जाने के विरोध में आज भगत सिंह चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी एवं आदिवासी कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा की उपस्थिति में किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि विल्सन तोपनो ने की।
विल्सन तोपनो ने कहा कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक समागम समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी समुदाय को “वनवासी” शब्द से संबोधित किया, जो आदिवासी समाज के लिए बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि “आदिवासी” शब्द संविधानसम्मत पहचान है और यह देश के मूल निवासियों की अस्मिता से जुड़ा हुआ है। “वनवासी” कहकर भाजपा सरकार आदिवासियों के अस्तित्व, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने कहा कि यह केवल शब्दों का विवाद नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
मौके पर प्रदेश सचिव रामकृष्ण चौधरी, जिला उपाध्यक्ष रविकांत मिश्रा, जयसिंह नाग, वरिष्ठ कांग्रेसी देवजीत देवधरिया, जिला महासचिव गोपाल भगत, नगर पंचायत अध्यक्ष गुलाम गौश, महिला जिला अध्यक्ष सुनीता गोप, जिला उपाध्यक्ष देवेन्द्र महतो, महासचिव ऋतुराज झा, आदिवासी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एलेक्सियूस परधिया, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमीर हुसैन, सांसद प्रतिनिधि कर्रा विक्रम नाग, जेम्स तोपनो, पीटर मुन्डू, सान्धू पुर्ती, ऐलेक्सियूस भेंगरा, सुषमा भेंगरा, हेलेन तिडू, संदीप तिडूं, अनमोल होरो, ईन्दुआन्ना हस्सा, अनीता नाग, सुमन देवी, हेरमन सोय, राम तिडूं, धुमेश लोहरा, विनसाय मुण्डा, सुचित सांगा, विमल कच्छप, नन्दू कच्छप, जयसिंह मुण्डा, प्रनीत तोपनो, तलहा खां, महादेव मुण्ढा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं आदिवासी कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।



