Ranchi : रांची में आयोजित झारखंड भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक में आगामी SIR (Special Intensive Revision) यानी मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर व्यापक रणनीति बनाई गई। बैठक प्रदेश अध्यक्ष Aditya Sahu के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में पार्टी संगठन की पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई और आगामी कार्यक्रमों को लेकर रणनीति तैयार की गई। खासतौर पर राज्य में 30 जून से शुरू होने वाले मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। भाजपा ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस अभियान में पूरी सक्रियता के साथ भाग लेगी।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पार्टी ने सभी मतदान केंद्रों के लिए बीएलए (Booth Level Agent) नियुक्त कर दिए हैं। इन बीएलए की सूची जिला स्तर पर चुनाव आयोग को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि 16 जून से आयोग द्वारा बीएलए का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी हिस्सा लेंगे।
भाजपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है। पार्टी का मानना है कि ऐसे लोग जो देश के नागरिक नहीं हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम फर्जी तरीके से मतदाता सूची में शामिल हैं, उन्हें सूची से हटाया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार कर रही है।
बैठक में केवल मतदाता पुनरीक्षण ही नहीं, बल्कि किसानों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने कहा कि हाल के दिनों में राज्य के कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। भाजपा ने तय किया है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सभी प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और पहले से ही किसान सरकार की वादाखिलाफी से परेशान हैं। ऐसे में विपक्ष होने के नाते भाजपा किसानों की आवाज उठाने का काम करेगी।
बैठक में मौजूद नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की। भाजपा ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक गतिविधियों और जन आंदोलनों को और अधिक आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।


