Hazaribagh : हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महज 12 घंटे के भीतर तीन मरीजों की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर विधायक Pradeep Prasad खुद अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी।
जानकारी के अनुसार, दो मरीजों की मौत कथित तौर पर समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण हुई, जबकि एक महिला मरीज की प्रसव के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की।

मृतकों के परिजनों का आरोप है कि मरीजों की हालत गंभीर होने के बावजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने समय पर इलाज शुरू नहीं किया। कई बार अनुरोध करने के बाद भी मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण उनकी जान चली गई। लोगों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
प्रसव के दौरान जान गंवाने वाली महिला की पहचान कटकमसांडी प्रखंड निवासी शोभा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने महिला में खून की कमी बताते हुए ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी। आरोप है कि रक्त चढ़ाने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन सूचना देने के बावजूद डॉक्टर और नर्स समय पर देखने नहीं पहुंचे। बाद में महिला की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्चा सुरक्षित बताया जा रहा है।

इससे पहले भी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी को लेकर सवाल उठ चुके हैं। गुरुवार को थैलेसीमिया से पीड़ित सरिता देवी की मौत कथित रूप से समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण हुई थी। शुक्रवार सुबह पवन कुमार अग्रवाल की मौत के बाद भी यही आरोप दोहराए गए। बताया जा रहा है कि एक चिकित्सक ने भी ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में लापरवाही की बात स्वीकार की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद विधायक प्रदीप प्रसाद अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल, जो अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रूप में कार्य कर रहा है, वहां इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही हो रही है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे खुद हस्तक्षेप कर सुधार करने को मजबूर होंगे।

विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जिला प्रशासन और उपायुक्त को दे दी है। लगातार हो रही मौतों से आम लोगों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं। अब लोग मांग कर रहे हैं कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।



