Khunti: केंद्रीय सरना संगोम समिति करम अखाड़ा, खूंटी की ओर से मंगलवार को विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर खूंटी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। समिति ने जिले में बढ़ते धर्मांतरण, गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) की कार्यशैली, अवैध अफीम कारोबार तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आड़ में हो रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। 
समिति की अध्यक्ष दुर्गावती ओडेया ने जानकारी देते हुए बताया कि आज समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जिले में कार्यरत सभी गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) एवं एफसीआरए से संचालित संस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं को जिस उद्देश्य के लिए फंड प्राप्त हो रहा है, यदि उस क्षेत्र में कार्य नहीं किया जा रहा है तो संबंधित संस्थाओं पर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि जिले में आयोजित चंगाई सभाओं पर रोक लगाई जाए। समिति का आरोप है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पारंपरिक आदिवासी समाज के धर्म, संस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। समिति ने झारखंड धर्मांतरण कानून-2017 का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में लगातार धर्म परिवर्तन की घटनाएं हो रही हैं, जबकि कानून के तहत इसके लिए प्रशासनिक अनुमति आवश्यक है। समिति ने प्रशासन से धर्म परिवर्तन से संबंधित आंकड़े और जनसंख्या विवरण एकत्र करने की भी मांग की है।
इसके अलावा ज्ञापन में जिले में बढ़ रही अवैध अफीम खेती और उससे जुड़े कारोबार पर चिंता व्यक्त की गई है। समिति ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब छऊ और ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों की आड़ में अवैध शराब बिक्री तथा जुआ संचालन जैसी गतिविधियां बढ़ रही हैं। इससे हत्या, लूट, बलात्कार जैसी आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है और जिले की शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
समिति ने प्रशासन से मांग की है कि छऊ नृत्य एवं ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों की निगरानी की जाए तथा कार्यक्रम स्थलों और बाजारों में हड़िया, दारू, शराब की बिक्री एवं जुआ खेल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
केंद्रीय सरना संगोम समिति करम अखाड़ा, खूंटी की अध्यक्ष दुर्गावती ओडेया ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रशासन को जल्द ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।



