Dumka: दुमका में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। झारखंड कांग्रेस के विधायक दल के नेता और दुमका से विधायक प्रदीप यादव ने भाजपा की जीत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि वे इस जीत के लिए भाजपा को बधाई नहीं दे सकते, क्योंकि उनके अनुसार यह सफलता लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ जाकर हासिल की गई है।
प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी रणनीति के तहत कई तरह के हथकंडे अपनाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार चुनाव में “SIR” जैसे मुद्दों को हथियार बनाकर माहौल को प्रभावित किया गया। उनके मुताबिक, यह एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति थी, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों में सत्ता हासिल करना था।
कांग्रेस विधायक ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय भाजपा के एजेंट की तरह काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी और अन्य धर्मनिरपेक्ष ताकतें आने वाले समय में एकजुट होकर भाजपा को चुनौती देंगी।
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प्रदीप यादव ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जैसे भी रहे हों, इसका झारखंड की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में राजनीतिक स्थिति स्थिर रहेगी और यहां के मुद्दे अलग हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ही देखा जाएगा।
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि वर्तमान समय में “सत्य कुछ समय के लिए बादलों में छिप सकता है, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आती है।” उनके अनुसार, आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियां बदलेंगी और भाजपा की स्थिति कमजोर होगी।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल में अपनी जीत को जनता का समर्थन बताया है। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रणधीर सिंह ने कहा कि यह जीत जनता की इच्छा का परिणाम है और इससे राज्य में विकास को नई गति मिलेगी।
रणधीर सिंह ने दावा किया कि केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की भूमिका से एक भयमुक्त माहौल बना, जिसके कारण लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान किया। उन्होंने आगे कहा कि असम, पुडुचेरी और अन्य राज्यों में भी भाजपा की जीत इस बात का संकेत है कि पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, और अब उनका अगला लक्ष्य झारखंड है।



