Seraikela Kharsawan: सरायकेला जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। उपायुक्त Nitish Kumar Singh के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी Sudhir Ranjan ने सरायकेला बाजार क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान खुदरा और थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान टीम ने एक्सपायर्ड और बिना लेबल वाले खाद्य पदार्थों की सघन जांच की। एक दुकान में एक्सपायर्ड नारियल पानी मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया और संबंधित दुकानदार पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए की गई।
इसी क्रम में एक अन्य थोक विक्रेता के गोदाम की जांच की गई, जहां गंदगी और बिना लेबल के खाद्य सामग्री पाई गई। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए उस दुकानदार पर भी 2000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की अनियमितता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।
जांच अभियान केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संजय चौक और आसपास के क्षेत्रों में गोलगप्पा बेचने वाले ठेला विक्रेताओं की भी जांच की गई। सभी विक्रेताओं को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, शुद्ध पानी का इस्तेमाल करने और ताजा सामग्री से ही खाद्य पदार्थ तैयार करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने दुकानदारों और व्यापारियों को जागरूक करते हुए कहा कि वे अज्ञात स्रोत से खाद्य सामग्री न खरीदें और न ही एक्सपायर्ड उत्पादों की बिक्री करें। उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य पदार्थों पर सही लेबलिंग और गुणवत्ता बनाए रखना अनिवार्य है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि Food Safety and Standards Act 2006 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
इस अभियान का उद्देश्य न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना भी है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।



