Ranchi : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन द्वारा घोषित ICSE (कक्षा 10वीं) और ISC (कक्षा 12वीं) परीक्षा 2026 के परिणामों में Jharkhand ने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस साल राज्य में 99% से अधिक छात्र-छात्राएं सफल रहे, जो शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। खास बात यह रही कि हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने परिणामों में अपना दबदबा कायम रखा।
राज्य के 100 से अधिक स्कूलों से हजारों छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल हुए थे। ICSE और ISC दोनों ही स्तर पर छात्रों का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। कई स्कूलों में शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया, जिससे शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल है।
झारखंड में ICSE-ISC बोर्ड की मजबूत उपस्थिति मुख्य रूप से रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे शहरों में देखने को मिलती है। खासतौर पर रांची जिले में 20 से अधिक स्कूल इस बोर्ड से संबद्ध हैं, जबकि पूरे राज्य में इनकी संख्या 100 से 150 के बीच मानी जाती है।
राज्य के कई प्रतिष्ठित विद्वानों ने एक बार फिर से शानदार नतीजे निकाले हैं, जिससे आपकी पहचान मजबूत हुई है। इनमें बिशप वेस्टकॉट स्कूल, लोयोला स्कूल, नरभेरराम हंसराज स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट स्कूल, सेंट जेवियर्स स्कूल, लोरेटो स्कूल और बिशप स्कॉट स्कूल जैसे संस्थान शामिल हैं, जो हर साल उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जाते हैं।
इस बार के परिणामों में लड़कियों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने न केवल पास प्रतिशत में बढ़त बनाई, बल्कि टॉप रैंक हासिल कर यह साबित किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। यह ट्रेंड पिछले कुछ वर्षों से लगातार देखने को मिल रहा है।
शिक्षाविदों का मानना है कि बेहतर शिक्षण व्यवस्था, छात्रों की मेहनत और स्कूलों के अनुशासन का यह संयुक्त परिणाम है। साथ ही, डिजिटल शिक्षा और नई शिक्षण पद्धतियों ने भी छात्रों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
कुल मिलाकर, ICSE-ISC 2026 के नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि झारखंड शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सफलता न केवल छात्रों और स्कूलों के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है।


