Dhanbad : झारखंड के धनबाद जिले में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बीते 20 मार्च को धनबाद थाना क्षेत्र के साहू गली में युवक रोहित कुमार की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया था।
घटना के बाद मृतक की बहन रितु कुमारी के बयान के आधार पर धनबाद थाना में कांड संख्या 95/26 दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी और हर पहलू पर बारीकी से छानबीन शुरू की। शुरुआती स्तर पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं को जोड़कर जांच की दिशा तय की।
लगातार जांच के बाद पुलिस को इस मामले में चार आरोपियों की भूमिका संदिग्ध लगी। जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए, उनमें जीतु यादव, तरुण यादव, महेश धीबर और भुनेश्वर हाड़ी शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी पर नजर रखते हुए 23 अप्रैल को एक विशेष अभियान चलाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ, जिसने इस हत्या के पीछे की असली वजह को सामने ला दिया। पुलिस के अनुसार यह हत्या कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश जुड़ी हुई थी।
दरअसल, करीब दो महीने पहले ‘प्रेम’ नाम के एक युवक द्वारा आरोपी जीतु यादव की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की घटना हुई थी। इसी घटना से नाराज होकर आरोपियों ने बदले की भावना में रोहित कुमार को निशाना बनाया और उसकी हत्या की साजिश रची। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रोहित कुमार को सोची-समझी योजना के तहत मारा गया।
इस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामान भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। इनमें लोहे का दाव (दउली), दो मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन और घटना के समय पहना गया शॉल शामिल है। यह बरामदगी पुलिस के लिए मामले को मजबूत करने में अहम सबूत साबित हो रही है।
इस पूरे ऑपरेशन में धनबाद पुलिस के साथ-साथ सरायढेला, लोदना और अलकडीहा थाना की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब इस मामले को मजबूत साक्ष्यों के साथ अदालत में पेश करने की तैयारी में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे।


