Khunti: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने से पहले मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर के निदेशक सह शिक्षक सकलदीप भगत ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से संतुलित व सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा का परिणाम जीवन की अंतिम कसौटी नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मात्र है।
परीक्षा के अंक निश्चित रूप से महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है विद्यार्थियों के भीतर तार्किक सोच, अनुशासन और निरंतर प्रयास करने की आदत का विकास। उन्होंने कहा कि यही गुण भविष्य में किसी भी क्षेत्र में सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि बच्चों पर अत्यधिक अपेक्षाओं का दबाव डालना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की रुचि, क्षमता और परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें सहयोग और सही मार्गदर्शन प्रदान करें। सकारात्मक माहौल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
विद्यार्थियों को संदेश देते हुए सकलदीप भगत ने कहा कि यदि परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं भी आता है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। असफलता को सीखने और आत्म-सुधार का अवसर मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए धैर्य, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत सबसे बड़े हथियार हैं।
आगे उन्होंने कहा कि सही दिशा में किया गया प्रयास और मजबूत आत्मविश्वास ही वास्तविक सफलता की कुंजी है। इसलिए विद्यार्थी परिणाम को लेकर तनाव लेने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और भविष्य की तैयारी में जुट जाएं।



