Ranchi: रांची में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में विधेयक पारित नहीं होने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनेवाल और भाजपा नेत्री श्रेयसी सिंह ने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।
सर्बानंद सोनेवाल ने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं के सशक्तीकरण की बातें तो करते हैं, लेकिन जब उन्हें 33 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण देने का मौका आया तो उन्होंने “ओछी राजनीति” के चलते इस विधेयक को पास नहीं होने दिया। उन्होंने सदन में बिल गिरने के बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया को भी आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रही है और इसमें महिलाओं की बराबर भागीदारी बेहद जरूरी है। इसके लिए राजनीतिक आरक्षण एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं श्रेयसी सिंह ने भी विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बिल नहीं गिरा है, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की नजरों से कांग्रेस और उसके सहयोगी दल गिर गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण के खिलाफ खड़े होकर अपना असली चेहरा उजागर कर दिया है।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देना समय की जरूरत है, लेकिन विपक्षी दल इसे लागू नहीं होने देना चाहते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड में महिलाओं के नाम पर केवल आर्थिक सहायता दी जा रही है, लेकिन राजनीतिक भागीदारी से उन्हें दूर रखा जा रहा है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जारी इस विवाद ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां सत्तापक्ष इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे अलग नजरिए से देख रहा है, जिससे राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।


