Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 16 वर्षीय नाबालिग की कथित रूप से यातना देकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला सुपरवाइजर और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग लड़की आरोपी के घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी।
जानकारी के अनुसार, कांके थाना क्षेत्र में रहने वाली सुषमा कुमारी, जो एक सरकारी कार्यालय में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है, ने नाबालिग को अपने घर काम के लिए रखा था। आरोप है कि वह लंबे समय से बच्ची के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार कर रही थी। शनिवार को अत्यधिक पिटाई के कारण नाबालिग की मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी महिला ने अपने भाई और ड्राइवर की मदद से शव को चुपचाप नाबालिग के गांव पहुंचा दिया और वहां से फरार हो गई। जब परिजनों ने बच्ची के शव को देखा, तो उसके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में कांके थाना पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर स्वयं जांच के लिए मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही डीएसपी मुख्यालय-1 अमर पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के घर की तलाशी ली और वहां लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिनमें यह साफ दिखा कि नाबालिग के साथ नियमित रूप से मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। पुलिस के अनुसार, यह सिर्फ एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि बच्ची को लंबे समय से लगातार टॉर्चर किया जा रहा था।
पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए सुषमा कुमारी और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी अमर पांडेय ने बताया कि मामले में पर्याप्त सबूत जुटा लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में घरेलू कामगारों, खासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


