Khunti: कर्रा प्रखंड क्षेत्र में ग्राम प्रधान पड़हा व्यवस्था को सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रखंड सभागार में ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष सह पड़हा संयोजक दिशुम गोमके महादेव मुंडा ने की। इसमें प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए ग्राम प्रधानों ने भाग लेकर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए महादेव मुंडा ने कहा कि ग्राम प्रधानों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सचिव का चयन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सहायक सचिव के पद पर महिला का चयन किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और कार्यप्रणाली अधिक संतुलित व पारदर्शी बन सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी रजिस्टरों के पन्नों का सत्यापन सचिव द्वारा किया जाएगा, जिससे अभिलेखों की विश्वसनीयता बनी रहे।
महादेव मुंडा ने ग्राम प्रधानों को अपने-अपने क्षेत्र के पड़हा राजा क्षेत्र का स्पष्ट सीमांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों की संख्या, विद्यालय, मंदिर, गिरजाघर, मस्जिद और सरना स्थलों की विस्तृत जानकारी रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे क्षेत्रीय संरचना की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
बैठक में परंपरागत व्यवस्था को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। महादेव मुंडा ने कहा कि ग्राम प्रधान का चयन रूढ़िवादी परंपरा के अनुसार गांव के पहान के रूप में ही होना चाहिए। यदि किसी अन्य समुदाय से ग्राम प्रधान चुना जाता है, तो उसे प्राप्त मानदेय ब्याज सहित वापस करना होगा तथा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके अलावा ग्राम प्रधानों को विकास कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए ग्राम विकास, निगरानी समिति, स्वास्थ्य एवं पेयजल, शिक्षा, कृषि, बाजार, मद्य नियंत्रण, बाल विकास तथा महिला विकास सहित नौ विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक के अंत में सभी ग्राम प्रधानों से पड़हा व्यवस्था को मजबूत बनाने और समाज के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।



