Saraikela: हरियाणा के गुरुग्राम में मजदूरी के दौरान हुई दुखद घटना में जान गंवाने वाले झारखंड के मजदूरों के परिजनों के लिए केंद्र सरकार ने राहत का हाथ बढ़ाया है। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ सरायकेला जिले के कांड्रा स्थित एक निजी होटल में आयोजित संवेदना बैठक में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिले। उन्होंने हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को सहानुभूति और मानसिक संबल प्रदान किया।
इस दुखद हादसे में छह मजदूरों की मौत हुई थी, जिन्हें मिट्टी में दबने के कारण जान गंवानी पड़ी थी। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने इस क्षति को अपूरणीय बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया और भाजपा परिवार एवं समाज की ओर से पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मंत्री संजय सेठ ने केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को लगभग 40 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि के चेक सौंपे। इस राशि का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करना और उनके जीवन की आवश्यकताओं में सहायता करना है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री से भी संपर्क किया गया और उन्हें मजदूरों के परिवारों की मदद सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था।
सिर्फ आर्थिक सहायता तक ही सीमित न रहते हुए, संजय सेठ ने दो मृतक मजदूरों के परिजनों को स्थायी रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से नियुक्ति पत्र भी सौंपे। इससे उन परिवारों को एक स्थायी आय का स्रोत मिलेगा, जो बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं में सहायक साबित होगा।
रक्षा राज्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि बच्चों की पढ़ाई और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें अब प्राथमिकता बनेंगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि परिवारों को हर संभव सहयोग और सुरक्षा मिले। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानवीय पहल से पीड़ित परिवारों के भविष्य की दिशा सुरक्षित होगी।
कार्यक्रम के दौरान संजय सेठ ने परिवारों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं और चिंताओं को भी सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर इस कठिन समय में परिवारों का हर संभव सहारा बनेगी। उन्होंने कहा कि मृत मजदूरों के परिवारों के बच्चों की शिक्षा और उनका भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में पीड़ित परिवारों ने केंद्रीय सरकार और संजय सेठ के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवारों ने कहा कि आर्थिक सहायता और स्थायी रोजगार से उन्हें जीवन में उम्मीद और सुरक्षा का अहसास हुआ है। इस पहल ने न केवल तत्काल राहत दी बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।


