Ranchi: झारखंड में बालू खनन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और पूर्व विधायक अमित मंडल ने आरोप लगाया है कि राज्य में बालू घाटों पर अवैध खनन हो रहा है और प्रशासन इसे रोकने में मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालू का अवैध खनन कराकर उससे तेल निकालने में लगी हुई है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अमित मंडल ने बताया कि राज्य में सड़क हादसों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। हर दिन औसतन 12 से 14 लोगों की मौत हाइवा और अन्य वाहन दुर्घटनाओं में हो रही है। उनका कहना था कि अवैध बालू खनन इस स्थिति का एक बड़ा कारण है।
अमित मंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा में किए गए वादे का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक व्यक्ति को अधिकतम 2000 सीएफटी, यानी लगभग 20 ट्रैक्टर बालू मुफ्त दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अवैध खनन रोकने के लिए उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन भाजपा के अनुसार यह घोषणाएँ धरातल पर नजर नहीं आ रही हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अवैध बालू खनन रोकने के बजाय इसे बढ़ावा दिया है। उनका कहना था कि कई जिलों, खासकर गोड्डा में, अवैध खनन तेजी से हो रहा है और स्थानीय प्रशासन इसकी रोकथाम में विफल रहा है।
अमित मंडल ने हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू द्वारा उठाए गए मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार सचमुच अवैध बालू खनन रोकना चाहती है तो प्रतिदिन महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट द्वारा हो रहे अवैध खनन पर रोक लगानी होगी।
भाजपा का यह भी कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच करानी है तो महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट के मालिक को ढूंढना अनिवार्य है। तभी बालू खनन के मामले में सच सामने आएगा और दोषियों पर कार्रवाई हो सकेगी।
राजनीतिक पारा इस मुद्दे पर लगातार बढ़ रहा है, और सरकार की कार्रवाई पर जनता और विपक्ष की नजरें गड़ी हुई हैं। बालू खनन का मामला अब सियासी और प्रशासनिक दोनों मोर्चों पर गरमाता नजर आ रहा है।



