Ranchi: रांची के आर्यभट्ट सभागार में भारत रत्न और पूर्व गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष सादगीपूर्ण तरीके से मनाई गई। यह कार्यक्रम सरदार पटेल स्मृति समिति की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, पूर्व मंत्री और रांची से भाजपा विधायक सीपी सिंह, मेयर रौशनी खलखो समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत में सरदार पटेल की जीवनी और उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सरदार पटेल को “लौह पुरुष” की श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत की एकता और अखंडता की नींव मजबूत की और आज भी उनके विचारों का महत्व सर्वोच्च है।
सरदार पटेल की जयंती में सैकड़ों स्कूली बच्चे भी शामिल हुए। छात्र-छात्राओं ने उनके योगदान और विचारों के बारे में जानने में गहरी रुचि दिखाई। इसके अलावा, लौह पुरुष के बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि आज भी देश में एकता और संगठन कायम रह सके।
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राज्यपाल ने कहा, “सरदार पटेल जितने प्रासंगिक पहले थे, उतने ही आज भी हैं। हमें उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। देश की एकता में उनका योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बिस्मार्क से भी अधिक क्षमता और दूरदर्शिता सरदार पटेल में थी, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें कभी उचित सम्मान नहीं दिया।
पूर्व मंत्री और रांची विधायक सीपी सिंह ने भी इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को उनके जीवनकाल में सम्मान नहीं दिया। उन्होंने कहा, “जब तक सूरज-चाँद रहेगा, सरदार पटेल का नाम अमर रहेगा। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।”
इस अवसर पर सरदार पटेल को केंद्र में रखकर तैयार स्मारिका का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। इस स्मारिका में उनके जीवन, विचार और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। वर्ष 2026 में उनके 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में उनकी जयंती वर्ष समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने 500 से अधिक रियासतों को भारत में विलय कर एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखी, जो आज भी भारतीय एकता और स्थिरता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि सरदार पटेल के विचारों और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उनके साहस, नेतृत्व और दूरदर्शिता को देश के हर नागरिक के जीवन में उदाहरण के रूप में अपनाया जाना चाहिए।



