Breaking News

हजारीबाग नाबालिग बलि मामला: झामुमो और आप ने आरोपी को फांसी की मांग की, भाजपा पर सवाल उठाए

Chhathra/ Deoghar: हजारीबाग के विष्णुगढ़ में नाबालिग किशोरी की बलि की घटना ने झारखंड में राजनीतिक और सामाजिक हलचल मचा दी है। घटना के बाद राजनीतिक पार्टियों ने इसे समाज पर कलंक बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आप ने किया विरोध और कानून में सुधार की मांग
आम आदमी पार्टी (आप) ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना की निंदा की। पार्टी के प्रदेश प्रभारी (विधि प्रकोष्ठ) अमित कुमार ने कहा कि यह सिर्फ आपराधिक कृत्य नहीं बल्कि समाज की बड़ी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने राज्य में अंधविश्वास और नरबलि जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा और सख्त कानून बनाने की मांग की। अमित कुमार ने बताया कि वर्तमान में झारखंड में जादू-टोना निवारण अधिनियम लागू है, लेकिन इसमें नरबलि जैसे जघन्य अपराधों के लिए स्पष्ट और कठोर प्रावधान नहीं हैं।

झामुमो ने भाजपा पर साधा निशाना
देवघर में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा ने भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा आरोपी भीम कुमार राम से खुद को अलग दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि उसकी कई तस्वीरें पार्टी के बड़े नेताओं के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं। झामुमो ने आरोप लगाया कि भाजपा सच छिपाने और जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।

चतरा में शोक और सख्त कार्रवाई की मांग
चतरा में झामुमो के जिला अध्यक्ष नीलेश ज्ञासन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के कारण हुई यह मानव बलि पूरी राज्य को झकझोर देने वाली है। ज्ञासन ने पुलिस की तुरंत कार्रवाई की सराहना की और भरोसा जताया कि राज्य सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भाजपा पर राजनीतिक आरोप
नीलेश ज्ञासन ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने इस घटना को राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। ज्ञासन ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी भाजपा से जुड़ा है, वह बीजेपी एसटी मोर्चा का सदस्य और विष्णुगढ़ पंचायत का पूर्व अध्यक्ष है। उन्होंने कहा कि जैसे ही आरोपी के राजनीतिक कनेक्शन का पता चला, भाजपा ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली।

फांसी की मांग और कड़ा संदेश
झामुमो और आप दोनों ने आरोपी को फांसी देने की मांग की। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज को यह संदेश मिले कि ऐसे जघन्य अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।

सामाजिक जागरूकता और कानून में सुधार की जरूरत
विशेषज्ञों और राजनीतिक नेताओं का मानना है कि नरबलि जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज में साक्षरता और जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

राजनीतिक बयानबाजी और जनता की प्रतिक्रिया
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई, लेकिन जनता में गहरा आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधों पर किसी भी राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विज्ञापन

SWARAJ

त्योहार के मौकेपर धमाकेदार ऑफर

संपर्क करें:- खूंटी- 8210983506 तोरपा - 6203436010

Recent Posts

Tags

Edit Template

About

Print & Digital PR News Release Ranchi,

Recent Post