Ranchi: रांची के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी में 16वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 का भव्य उद्घाटन 1 अप्रैल 2026 को हुआ। यह प्रतियोगिता 12 अप्रैल तक चलेगी और हॉकी इंडिया, झारखंड सरकार के खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग तथा हॉकी झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
उद्घाटन समारोह में मौजूद जानी-मानी हस्तियां
मुख्य अतिथि खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार समारोह में उपस्थित रहे। उनके साथ निदेशक खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग आसिफ इकराम, हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुभद्रा प्रधान भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का स्वागत किया और गुब्बारे उड़ाकर तथा हॉकी इंडिया और हॉकी झारखंड के झंडों का झंडोतोलन कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
खेल सचिव ने खिलाड़ियों को किया प्रोत्साहित
उद्घाटन समारोह में खेल सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि झारखंड हॉकी की धरती रही है और इसने सलीमा टेटे और निक्की प्रधान जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जन्म दिया है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे इन उदाहरणों से प्रेरणा लेकर बेहतर प्रदर्शन करें और देश का नाम रोशन करें।
हॉकी इंडिया और खेल निदेशक ने साझा किए अपने विचार
हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने सभी टीमों से खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने और भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का प्रयास करने की अपील की। वहीं खेल निदेशक आसिफ इकराम ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके कौशल और समर्पण की सराहना की।
हॉकी सिमडेगा अध्यक्ष को मिला सम्मान
समारोह के दौरान हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी को हॉकी इंडिया द्वारा चमन लाल शर्मा अमूल्य योगदान पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने इस अवसर पर उन्हें बधाई दी।
प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं 540 खिलाड़ी
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 29 राज्यों की लगभग 540 महिला खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। पहले दिन कुल 5 रोमांचक मैच खेले गए। इनमें जम्मू-कश्मीर ने पुडुचेरी को 3-2, दिल्ली ने बंगाल को 2-0, दादर नगर हवेली ने असम को 4-3, चंडीगढ़ ने कर्नाटक को 2-1 और उत्तराखंड ने हिमाचल प्रदेश को 6-3 से पराजित किया।
खेलों की धूम और उम्मीद
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना ने स्टेडियम को जीवंत बना दिया है। सभी प्रतिभागी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं को दिखाने का अवसर पा रही हैं, जिससे भारतीय हॉकी के उज्जवल भविष्य की उम्मीद जग रही है।


