Ranchi: रांची समेत पूरे झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते 15 दिनों में अभूतपूर्व कार्रवाई करते हुए कई बड़े मामलों में शिकंजा कसा है। 15 से 30 मार्च के बीच ईडी ने सात अलग-अलग मामलों में 40 व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जो राज्य में इतनी कम अवधि में पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
इस दौरान ईडी ने 97.92 लाख रुपये की अचल संपत्ति जब्त की है, जबकि अदालत से करीब 12.98 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की अनुमति भी मांगी है। जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई है, अब उनमें आगे ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी।
इंजीनियरों से लेकर बैंक अधिकारियों तक पर कार्रवाई
17 मार्च को ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े 14 इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें टेंडर आवंटन में कमीशन के खेल का खुलासा हुआ। इसी दिन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनके परिवार से जुड़ी करीब 97.92 लाख रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया गया।
केवीआईसी और घोटाले के अन्य मामले
24 मार्च को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) रांची से जुड़े 3.89 करोड़ रुपये के घोटाले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं।
रिश्वतखोरी और बैंक घोटाले पर शिकंजा
26 मार्च को रिश्वतखोरी के मामले में सीसीएल के सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उनकी पत्नी और अन्य लोगों पर चार्जशीट दायर की गई। इसी दिन SBI के 5.40 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक और उनकी पत्नी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
सरकारी विभागों में हेराफेरी उजागर
29 मार्च को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 22.86 करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में कैशियर संतोष कुमार, उनकी पत्नी और उनकी शेल कंपनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसके अलावा अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मामले में कई कंपनियों और व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया।
मनरेगा घोटाले में भी कार्रवाई
ईडी ने मनरेगा घोटाले में पूरक चार्जशीट दाखिल करते हुए बोड़ेया क्षेत्र में 17 डिसमिल जमीन जब्त करने की अनुमति मांगी है, जिसकी कीमत करीब 1.33 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
तेजी से बढ़ती कार्रवाई ने बढ़ाई हलचल
ईडी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। विभिन्न विभागों, कंपनियों और अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ एजेंसी अब और सख्त रुख अपनाने के मूड में है।



