Ranchi: रांची में सोमवार रात एक दुर्लभ प्रजाति का सांप ‘रेड सैंड बोआ’ मिलने से इलाके में हलचल मच गई। यह सांप रांची एयरपोर्ट के सामने देखा गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत स्नेक कैचर को सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्नेक कैचर मौके पर पहुंचे और बेहद सावधानी के साथ इस सांप का रेस्क्यू किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान इस बात का खास ध्यान रखा गया कि न तो सांप को कोई नुकसान पहुंचे और न ही आसपास मौजूद लोगों को किसी तरह का खतरा हो। सफल रेस्क्यू के बाद इसे सुरक्षित रूप से जू भेज दिया गया, जहां विशेषज्ञ इसकी निगरानी करेंगे।
रेड सैंड बोआ एक दुर्लभ प्रजाति का सांप है, जो आमतौर पर राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों और उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा क्षेत्र में पाया जाता है। हालांकि कभी-कभी यह अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दे जाता है, लेकिन इसकी संख्या काफी सीमित मानी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह सांप पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह मुख्य रूप से चूहे, छिपकली और छोटे जीवों को खाता है, जिससे इनकी आबादी नियंत्रित रहती है और पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित बना रहता है।
स्नेक कैचर रमेश ने बताया कि यह सांप आमतौर पर आक्रामक नहीं होता, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपील की कि ऐसे वन्यजीवों को देखकर उन्हें नुकसान पहुंचाने या पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत विशेषज्ञों को सूचना दें।
उन्होंने यह भी कहा कि अज्ञानता के कारण कई बार लोग ऐसे सांपों को मार देते हैं, जो न केवल खतरनाक हो सकता है बल्कि कानूनन अपराध भी है। जागरूकता ही ऐसे मामलों में सबसे बड़ा समाधान है।
गौरतलब है कि ‘रेड सैंड बोआ’ को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित किया गया है। इसकी तस्करी या शिकार करना गंभीर अपराध है। ऐसे में रांची में इस दुर्लभ सांप का सुरक्षित रेस्क्यू वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।


