Hazaribagh: हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर महिला सशक्तिकरण का अद्भुत और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। शहर की सड़कों पर बेटियां हाथों में तलवार, लाठी और पारंपरिक हथियार लेकर उतरीं और अपने साहस का शानदार प्रदर्शन किया।
इस खास मौके पर आर्य समाज द्वारा संचालित आर्ष कन्या गुरुकुल की ओर से नवमी के दिन भव्य शौर्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

गुरुकुल की ब्रह्मचारी और ब्रह्मचारिणियों ने तलवारबाजी, लाठी चलाना और अन्य साहसिक करतबों का ऐसा प्रदर्शन किया कि लोग दंग रह गए। छोटे-छोटे बच्चों का बैंड दस्ता भी इस जुलूस का हिस्सा बना, जिसने पूरे माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।
शोभायात्रा में रथ, ऊंट और घोड़ों को भी शामिल किया गया, जिसमें आर्य समाज के प्रतिनिधि सवार थे। मुख्य सड़कों पर जब गुरुकुल के बच्चों ने लाठियां भांजीं, तो वहां मौजूद लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
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इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना था कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। अगर बेटे शौर्य प्रदर्शन कर सकते हैं, तो बेटियां भी समान रूप से सक्षम हैं और हर चुनौती का सामना कर सकती हैं।
गुरुकुल के आचार्य ने कहा कि हर बेटी को रानी लक्ष्मीबाई की तरह साहसी और आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां न सिर्फ अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो रही हैं, बल्कि भविष्य में देश की रक्षा के लिए भी तैयार हो रही हैं।

इस आयोजन की तैयारी पिछले एक महीने से चल रही थी, जिसमें छोटी-छोटी बच्चियों को पारंपरिक हथियारों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार भी शामिल हुए और उन्होंने गुरुकुल की बच्चियों की सराहना करते हुए कहा कि उनका आत्मविश्वास और प्रदर्शन प्रेरणादायक है।



