Ranchi: रांची में ईद की नमाज के बाद एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात को लेकर किया गया।
यह प्रदर्शन हरमू रोड इलाके में आयोजित हुआ, जहां लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से इस अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग उठाई।
अंजुमन इस्लामिया के महासचिव डॉ. तारिक के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा से भारत का मित्र रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के हालात में ईरान ने भारत के प्रति सकारात्मक रवैया दिखाया है, इसलिए भारत को भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर भारत की स्थिति स्पष्ट करें। उनका कहना था कि यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और संतुलन से भी जुड़ा हुआ है।
वहीं, इस मौके पर महुआ माजी ने राज्यवासियों को ईद और सरहुल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और एकता में है। उन्होंने सभी से मिलजुलकर त्योहार मनाने की अपील की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने भी इस अवसर पर कहा कि 30 दिनों के रोजे के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। उन्होंने कहा कि ईद, सरहुल और चैती नवरात्र जैसे पर्वों का एक साथ मनाया जाना भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है।
कुल मिलाकर, रांची में जहां एक ओर ईद का त्योहार भाईचारे और खुशी के माहौल में मनाया गया, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर लोगों ने अपनी भावनाएं भी शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त कीं।


