Khunti: पवित्र रमजान माह के समापन के बाद आज ईद-उल-फितर का त्योहार जिले भर में हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। जिले के सभी मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सुबह से ही बड़ी संख्या में पहुंचकर अकीदत और एहतराम के साथ ईद की नमाज अदा की। 
नमाज के दौरान लोगों ने अल्लाह से देश और समाज में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज समाप्त होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। छोटे-बड़े, अमीर-गरीब सभी ने भेदभाव भुलाकर इस पर्व की खुशियां साझा कीं।
इस मौके पर मस्जिदों के इमामों ने अपने संदेश में कहा कि ईद-उल-फितर केवल खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि यह मोहब्बत, भाईचारा और इंसानियत का पैगाम देने वाला पावन दिन है। उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में रोजा रखकर जो सब्र, त्याग और इंसानियत का संदेश मिलता है, उसे ईद के बाद भी अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
इमाम साहब ने लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हमारे देश की असली खूबसूरती विविधता में एकता में है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते हैं। ईद का त्योहार हमें नफरत मिटाकर प्रेम और भाईचारा बढ़ाने की सीख देता है।
ईद के इस खास मौके पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी एक-दूसरे को बधाई दी और पर्व की खुशियों में शामिल हुए। बच्चों और युवाओं में खास उत्साह देखने को मिला। बाजारों में भी रौनक रही और लोगों ने अपने-अपने घरों में पारंपरिक पकवान बनाकर त्योहार का आनंद लिया। जिले में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में ईद का पर्व संपन्न हुआ, जिसने सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की।



