Hazaribagh : हजारीबाग जिले में चट्टी बारियातु कोल परियोजना के विस्तार को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आवास को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई केरेडारी प्रखंड के जोरदाग इलाके में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई।
प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन पर यह मकान बना था, वह कोल परियोजना क्षेत्र में शामिल है। परियोजना विस्तार के तहत पहले से ही भवन हटाने की प्रक्रिया निर्धारित थी और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही यह कदम उठाया गया।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, क्योंकि मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए थे। कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण भी बनी रही, लेकिन प्रशासन ने हालात को नियंत्रित रखा।
चट्टी बरियातु कोल माइंस से जुड़े अधिकारी नील माधव स्वाइन ने बताया कि भवन ध्वस्त करने से पहले मुआवजा राशि सरकार के कोष में जमा कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी करने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।
हालांकि, इस कार्रवाई का विरोध भी सामने आया है। पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना दिए घर को तोड़ा गया। उन्होंने कंपनी और प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावित पक्ष को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।
अंबा प्रसाद ने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक निर्मला देवी को थाने में बैठाकर रखा गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि वे इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी।
फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। यह कार्रवाई एक बार फिर विकास परियोजनाओं और विस्थापन के मुद्दे को लेकर बहस को तेज कर रही है।


