Saraikela: सरायकेला के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी की किल्लत का असर दिखने लगा है। वैश्विक अस्थिरता और ईरान युद्ध के चलते कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है। इस कारण आदित्यपुर के लगभग 1500 छोटे और मध्यम उद्योग सोमवार से उत्पादन बंद करने की स्थिति में आ सकते हैं, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
उद्योगों पर उत्पादन ठप होने का खतरा
एलपीजी की कमी से मशीनरी बंद होने का खतरा है, जिससे उत्पादन ठप हो सकता है। आदित्यपुर में कार्यरत करीब 2 लाख मजदूरों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। विशेष रूप से टाटा मोटर्स की वेंडर कंपनियों पर “नो वर्क” की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हजारों परिवार प्रभावित होंगे।

उद्यमियों ने की हाई-लेवल बैठक
समस्या के समाधान के लिए जियाडा (JIADA) सभागार में रविवार को उद्यमी संगठनों और अधिकारियों की आपात बैठक हुई। बैठक में एशिया और लघु उद्योग भारती जैसी संस्थाओं ने बताया कि उद्योगों का स्टॉक समाप्त हो गया है और बिना एलपीजी काम जारी रखना असंभव है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से हस्तक्षेप की अपील की गई।
इंडियन ऑयल ने की सीमित आपूर्ति
इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल एलपीजी की सीमित आपूर्ति अस्पतालों और अन्य अनिवार्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए मोड़ी गई है। वहीं रांची में उच्चस्तरीय मंथन जारी है, ताकि उद्योगों की दैनिक 35 टन एलपीजी की मांग को पूरा किया जा सके।

उद्योग और मजदूर भविष्य असुरक्षित
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एलपीजी आपूर्ति जल्द बहाल नहीं होती है, तो आदित्यपुर की चिमनियों से धुआं निकलना बंद हो जाएगा और औद्योगिक गतिविधियां ठप हो जाएंगी। इसके साथ ही 2 लाख मजदूरों और उनके परिवारों की आजीविका पर भी सीधा असर पड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।


