Ranchi: झारखंड विधानसभा में चतरा में हुए एयर एंबुलेंस हादसे का मामला जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने सरकार से सवाल किया कि राज्य सरकार अपने स्तर पर विमान या हेलिकॉप्टर सेवा क्यों उपलब्ध नहीं कराती। उन्होंने कहा कि चतरा में हाल ही में एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें मरीज और क्रू मेंबर्स समेत सात लोगों की मौत हो गई। ऐसे हादसों से बचने के लिए राज्य सरकार को अपनी विमान सेवा शुरू करनी चाहिए।
विधायक ने तर्क दिया कि निजी कंपनियों से विमान या हेलिकॉप्टर सेवा लेने में सरकार को हर साल भारी रकम खर्च करनी पड़ती है। उनका कहना था कि अगर सरकार चाहे तो इसी खर्च से खुद का हेलिकॉप्टर खरीद सकती है, जिससे आपात स्थिति में बेहतर और सुरक्षित सेवा मिल सकेगी। साथ ही, किसी दुर्घटना की स्थिति में जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
इस पर प्रभारी मंत्री दीपक बिरुआ ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हेलिकॉप्टर या विमान खरीदना सरकार के लिए व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने बताया कि एक हेलिकॉप्टर की कीमत करीब 80 से 110 करोड़ रुपये और एक विमान की कीमत लगभग 150 से 200 करोड़ रुपये होती है। इसके अलावा रखरखाव, बीमा, स्पेयर पार्ट्स, फ्लाइट और ग्राउंड क्रू, तकनीकी कर्मचारियों तथा अभियंताओं पर भी भारी खर्च आता है।
मंत्री ने यह भी बताया कि देश के अधिकांश राज्यों के पास अपनी विमान सेवा नहीं है। बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब, मध्य प्रदेश, असम, ओडिशा, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्य भी जरूरत पड़ने पर निजी एजेंसियों से ही हेलिकॉप्टर या चार्टर्ड विमान सेवा लेते हैं, क्योंकि यह व्यवस्था अधिक व्यावहारिक और किफायती मानी जाती है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में बताया कि चतरा विमान हादसे की जांच डीजीसीए के स्तर पर चल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकार हर हाल में मुआवजा देगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए जरूरी कदम भी उठाए जाएंगे।


