Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन प्रश्नकाल के दौरान राज्य में बढ़ते ड्रग्स के अवैध कारोबार और युवाओं में नशे की बढ़ती लत का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विधायक रोशन लाल चौधरी ने इस विषय को उठाते हुए कहा कि खासकर हजारीबाग और रामगढ़ जिलों में युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके कारण आपराधिक घटनाएं भी बढ़ रही हैं, इसलिए इस पर सख्ती से नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन जरूरी है।
इस मुद्दे पर जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि ड्रग्स का मामला बेहद गंभीर है और सरकार इस पर लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत पिछले तीन वर्षों में कई कार्रवाई की गई है, जिसके कारण ऐसे मामलों में कुछ कमी भी आई है।
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 529 मामले दर्ज हुए और 773 लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं साल 2024 में 804 मामले दर्ज हुए और 1,062 गिरफ्तारियां हुईं। साल 2025 में मामलों की संख्या घटकर 782 रह गई, जबकि 994 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंत्री ने बताया कि हजारीबाग में वर्ष 2019 से 2023 के बीच 183 मामले दर्ज हुए थे, जबकि फरवरी 2026 तक केवल 17 मामले दर्ज किए गए हैं।
वहीं भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि रांची समेत कई जिलों में सूखा नशा तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं में इसकी लत बढ़ने से वे डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं और कई मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इसलिए जिला स्तर पर विशेष टास्क फोर्स बनाकर इस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार विशेष टास्क फोर्स के गठन पर काम करेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में 30 नवंबर 2022 से एक विशेष टास्क फोर्स पहले से ही कार्यरत है, जो केंद्र और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। आम लोग ड्रग्स से जुड़ी जानकारी MANAS पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दे सकते हैं। इसके प्रचार-प्रसार के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।


