Ranchi: झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय (JRSU) ने अपनी लाइब्रेरी को पूरी तरह आधुनिक और ऑटोमेटेड बनाने का बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) और इंटीग्रेटेड लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम (ILMS) लागू करने की योजना बनाई है, जिसके लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। वित्त समिति से भी इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है।
नई प्रणाली लागू होने के बाद पुस्तक निर्गमन, वापसी, कैटलॉगिंग और लाइब्रेरी प्रबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से संचालित होंगी। छात्रों और शोधार्थियों को लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। विद्यार्थी घर बैठे ऑनलाइन कैटलॉग के जरिए यह देख सकेंगे कि कौन-सी पुस्तक उपलब्ध है और किसे जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय में फिलहाल लगभग 2,100 पुस्तकें और 13,000 ई-जर्नल उपलब्ध हैं। लाइब्रेरी के ऑटोमेशन के बाद इन संसाधनों तक पहुंच और अधिक सरल, त्वरित और पारदर्शी हो जाएगी। कुलसचिव डॉ. हेमेंद्र कुमार भगत ने बताया कि यह पहल पूरी तरह छात्र-केंद्रित है और छात्रों के शोध और अध्ययन में गति लाएगी।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय में इस सत्र से क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है, जबकि मास मीडिया की परीक्षा भी जल्द आयोजित की जाएगी। वर्तमान में जेआरएसयू में लगभग 600 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें स्नातक, स्नातकोत्तर और पीजी डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं।
यह कदम रांची में उच्च शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल राज्य में केवल रांची विश्वविद्यालय और एनयूएसआरएल में ही आधुनिक लाइब्रेरी सुविधाएं उपलब्ध हैं, ऐसे में JRSU का यह प्रयास छात्रों के लिए बड़ी सुविधा और शोध के लिए बेहतर माहौल प्रदान करेगा।


