Giridihi: खाड़ी देशों में युद्ध और बमबाजी की घटनाओं के बीच गिरिडीह के कई परिवारों में डर और असुरक्षा की स्थिति बन गई है। इन परिवारों के कई सदस्य रोजगार के सिलसिले में दुबई, आबूधाबी और अन्य खाड़ी देशों में रह रहे हैं। युद्ध के चलते परिवारों में तनाव और चिंता का माहौल है।
सन्नी और शम्मी के परिवार में सुरक्षा की चिंता
गिरिडीह शहर के वार्ड नंबर 16, आजाद नगर निवासी अंसार अहमद के दो बेटे सन्नी और शम्मी खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। सन्नी आबूधाबी में अकाउंट का काम देखते हैं, जबकि शम्मी दुबई में बैंक में कार्यरत हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से परिवार में लगातार चिंता बनी हुई है।
अंसार अहमद ने बताया कि उनकी मुख्य चिंता दोनों बेटों की सुरक्षा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि खाड़ी देशों में फंसे सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। अंसार अहमद ने यह भी कहा कि अगर देश में बच्चों को पर्याप्त रोजगार मिल सके, तो शिक्षा ऋण और रोजगार के दबाव के कारण उन्हें विदेश भेजने की जरूरत नहीं पड़ती।
सन्नी और शम्मी की मां सलेहा परवीन ने कहा कि डर बहुत है, लेकिन उन्हें अपने बेटों और खुद पर भारत सरकार पर भरोसा है।
वीडियो कॉलिंग के माध्यम से स्थिति
ईटीवी भारत संवाददाता अमरनाथ सिन्हा ने आबूधाबी में फंसे सन्नी से वीडियो कॉल पर बात की। सन्नी ने बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन भविष्य में हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे भारत सरकार और खाड़ी देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा करते हैं।
परिवार और समुदाय की दुआएं
गिरिडीह में दोनों भाइयों के भांजे अजलन ने बताया कि वे हर रात दुआ करते हैं कि खाड़ी में फंसे सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित अपने घर लौटें। परिवार और पड़ोसी मिलकर सुरक्षा और सलामती की कामना कर रहे हैं।
इस बीच स्थानीय लोग भी केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।



