Bokaro: बोकारो में सेक्टर 12 के रिटायर्ड बीएसएल कर्मियों ने आवास खाली कराने के नोटिस के खिलाफ एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की। “आवास बचाओ संघर्ष समिति” के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में 70 से 80 वर्ष आयु वर्ग के पूर्व कर्मचारी शामिल हुए। उनका आरोप है कि Bokaro Steel Limited प्रबंधन सेक्टर 12 के निवासियों के साथ भेदभाव कर रहा है और मरम्मत के बजाय उन्हें हटाने की कोशिश की जा रही है।
संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि प्रबंधन ने सेक्टर 12 के कई क्वार्टरों को “डैमेज” घोषित कर उन्हें खाली करने का नोटिस जारी किया है। उनका आरोप है कि अन्य सेक्टरों में मरम्मत का कार्य कराया गया, लेकिन यहां रिपेयर नहीं कर सीधे निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है।
समिति सदस्य जमुना राम ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आवास नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आत्मदाह जैसे कदम उठाने को भी मजबूर हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों के घरों का घेराव करने की बात भी कही। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे खुद को प्रबंधन की “साजिश” का शिकार मानते हैं और इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
वहीं, बोकारो स्टील प्रबंधन के सूचना प्रमुख देव कुमार धान ने स्पष्ट किया कि जिन क्वार्टरों को “रिजेक्टेड” घोषित किया गया है, उन्हें सुरक्षा कारणों से गिराया जाना है। उन्होंने कहा कि वहां रहने वाले लोगों को पूर्व में ही नोटिस दिया जा चुका है और सभी से सहयोग की अपील की गई है।
फिलहाल मामला टकराव की स्थिति में है। एक ओर बुजुर्ग पूर्व कर्मचारी अपने आवास बचाने के लिए आंदोलनरत हैं, तो दूसरी ओर प्रबंधन सुरक्षा मानकों का हवाला दे रहा है। अब देखना यह है कि वार्ता से समाधान निकलता है या विवाद और गहराता है।


