Ranchi: झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘अबुआ दिशोम बजट’ पेश करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विकास और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखने की बात कही। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2026-27 में राज्य की आर्थिक विकास दर वर्तमान मूल्य पर 10.03 प्रतिशत और वर्ष 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 6.90 प्रतिशत रहेगी। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है।
‘हमर अपन’ से ‘अबुआ दिशोम’ तक का सफर
राज्य सरकार के अनुसार 2022-23 में ‘हमर अपन बजट’, 2023-24 और 2024-25 में ‘हमीन कर बजट’, 2025-26 में ‘अबुआ बजट’ और अब 2026-27 में ‘अबुआ दिशोम बजट’ के माध्यम से झारखंडी पहचान और समावेशी विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाया गया है। सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों को संतुलित करता है।
राजस्व और व्यय का विस्तृत खाका
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य की कुल राजस्व आय 66,700 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व व्यय के लिए 1,20,851.90 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। स्थापना एवं योजना व्यय का अनुपात 36:64 निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्थापना मद में 57,669 करोड़ रुपये और योजना मद में 1,00,891 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पूंजीगत परिव्यय और क्षेत्रवार आवंटन
वर्ष 2025-26 की तुलना में 8.5 प्रतिशत वृद्धि के साथ 2026-27 में पूंजीगत परिव्यय 37,708.10 करोड़ रुपये आंका गया है।
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सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 32,055.83 करोड़ रुपये
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सामाजिक प्रक्षेत्र के लिए 67,459.54 करोड़ रुपये
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आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 59,044.63 करोड़ रुपये
राज्य सरकार को अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़ रुपये, गैर-कर राजस्व से 20,700 करोड़ रुपये, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़ रुपये और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी से 51,236.38 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा 22,049.96 करोड़ रुपये लोक ऋण से प्राप्त होने का अनुमान है।
राजकोषीय घाटा और ऋण स्थिति
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो अनुमानित जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत है। सरकार का दावा है कि Debt-GDP Ratio में सुधार हुआ है और यह 2026-27 में 25.3 प्रतिशत तक रह सकता है।
आउटकम, बाल और जेंडर बजट पर फोकस
बजट में आउटकम आधारित दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है। कुल योजना आकार 1,00,891 करोड़ रुपये में से 13 विभागों की योजनाओं के लिए 62,329.04 करोड़ रुपये का आउटकम बजट निर्धारित किया गया है।
बाल बजट के तहत 138 योजनाओं के लिए 10,793 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं जेंडर बजट में 17 विभागों की 232 योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के लिए 34,211.27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मंईयां सम्मान योजना को बड़ा आवंटन
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त सिंकिंग फंड में 654 करोड़ रुपये के पुनर्निवेश का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है।
कुल मिलाकर ‘अबुआ दिशोम बजट’ को सरकार ने विकास, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय अनुशासन के संतुलन के रूप में प्रस्तुत किया है। आने वाले समय में इसके क्रियान्वयन और वास्तविक प्रभाव पर सभी की नजरें रहेंगी।



