Giridihi: मतदान से पहले गिरिडीह की राजनीति में माहौल काफी गरमा गया है। शनिवार शाम कांग्रेस नेता सह गोड्डा के पूर्व सांसद Furkan Ansari को गिरिडीह शहर में प्रवेश करने से पहले प्रशासन ने रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद Indian National Congress के नेताओं ने नाराजगी जताई और इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम पांच बजे प्रचार समाप्त होने के बाद फुरकान अंसारी Giridih आ रहे थे। वे पार्टी समर्थित मेयर प्रत्याशी समीर राज चौधरी के समर्थन में कुछ लोगों से मुलाकात करने वाले थे। उनका काफिला जैसे ही बेंगाबाद से आगे खंडोली की ओर बढ़ा, प्रशासन ने उन्हें रोक दिया और बाद में एक होटल ले जाया गया, जहां पार्टी नेताओं के साथ प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
प्रेस से बातचीत में फुरकान अंसारी ने आरोप लगाया कि उन्हें न केवल शहर में प्रवेश से रोका गया, बल्कि डिटेन भी किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बिना नाम लिए संकेत किया कि यह कार्रवाई Bharatiya Janata Party और अन्य दलों के इशारे पर की गई है। अधिकारियों ने उन्हें यह कहते हुए आगे बढ़ने से रोका कि आदर्श आचार संहिता लागू है।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को व्यवस्थित रूप से रोका जा रहा है और कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और उचित समय पर जवाब देगी।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने मामले पर स्पष्ट टिप्पणी करने से परहेज किया। सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने फुरकान अंसारी को रोके जाने की बात से इंकार करते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी वरीय अधिकारी देंगे। इस घटनाक्रम के बाद गिरिडीह की सियासत में और अधिक हलचल तेज हो गई है, जहां पहले से ही विभिन्न दलों के बीच मुकाबला तीखा बना हुआ है।


