Dumka: गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड की राजनीति में चल रही उस चर्चा को सिरे से नकार दिया, जिसमें भाजपा और झामुमो के बीच संभावित नजदीकियों की बात कही जा रही थी। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल राज्य में भाजपा-जेएमएम की सरकार बनने की कोई संभावना नहीं है।
यह बयान उन्होंने दुमका में भाजपा समर्थित प्रत्याशी अमिता रक्षित के समर्थन में प्रचार अभियान के दौरान दिया।
इससे पहले झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केएन त्रिपाठी ने दावा किया था कि स्थानीय निकाय चुनाव के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन हो सकता है और जेएमएम-बीजेपी की सरकार बन सकती है। त्रिपाठी ने यह भी कहा था कि जेएमएम नेता भाजपा के संपर्क में रहते हैं।
दुमका के विकास पर सवाल
निशिकांत दुबे ने कहा कि दुमका झारखंड की उपराजधानी है। उन्होंने झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन को सम्मानित नेता बताया, लेकिन साथ ही आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार के प्रतिनिधित्व के बावजूद दुमका का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक बसंत सोरेन के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए और कहा कि बुनियादी ढांचे के कई काम अधूरे हैं।
रेल सेवा और केंद्र सरकार का योगदान
दुबे ने दावा किया कि दुमका में रेल सेवा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। उन्होंने कहा कि झारखंड में जो भी प्रमुख विकास कार्य हो रहे हैं, वे केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत हो रहे हैं।
‘मंईयां सम्मान योजना’ पर जताई आशंका
सांसद ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वित्तीय हालात ठीक नहीं हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि कुछ महीनों में ‘मंईयां सम्मान योजना’ भी बंद हो सकती है। हालांकि यह उनका राजनीतिक आकलन है, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
निकाय चुनाव पर भरोसा
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित है और इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिलेंगे।
झारखंड की सियासत में बयानबाज़ी का दौर तेज है। निकाय चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे कि इन दावों में कितना दम है और आगे की राजनीतिक दिशा क्या होगी।



